1962 के भारत-चीन युद्ध में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के शौर्य को समर्पित फिल्म ‘120 बहादुर’ को दिल्ली सरकार ने टैक्स फ्री कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 नवंबर को इस फैसले की घोषणा करते हुए इसे भारत के वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को नमन करने का कदम बताया।
फिल्म में फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी की भूमिका निभाई है, जिन्होंने रेजांग ला की लड़ाई में चार्ली कंपनी का नेतृत्व किया था। यह वह युद्ध था जिसमें 120 भारतीय सैनिकों ने असाधारण साहस दिखाते हुए दुश्मन के सामने आखिरी सांस तक डटकर मुकाबला किया था। फिल्म में इन्हीं वीर सैनिकों की कहानी को वास्तविक घटनाओं के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘120 बहादुर’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि उन सैनिकों के प्रति सम्मान की श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार 28 नवंबर से फिल्म को राज्य कर से मुक्त कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन वीरों की कहानी देख सकें।
टैक्स फ्री होने से टिकट दाम में कितनी कमी आएगी?
फिल्मों पर लगने वाला जीएसटी दो श्रेणियों में आता है—
- 100 रुपये तक के टिकट पर 5% जीएसटी
- 100 रुपये से अधिक के टिकट पर 18% जीएसटी
इस टैक्स में आधा केंद्र सरकार और आधा राज्य सरकार का हिस्सा होता है। दिल्ली में ‘120 बहादुर’ को टैक्स फ्री करने का मतलब है कि राज्य सरकार का हिस्सा हटा दिया गया है।
- यानी 100 रुपये तक के टिकट पर अब 5% की जगह केवल 2.5% टैक्स लगेगा।
- वहीं, 100 रुपये से ऊपर के टिकट पर 18% की जगह अब 9% टैक्स देना होगा।
उदाहरण के तौर पर यदि टिकट कीमत 300 रुपये है, तो पहले 18% टैक्स जुड़कर कीमत 354 रुपये हो जाती थी। लेकिन अब टैक्स फ्री होने के बाद यही टिकट दिल्ली में लगभग 327 रुपये में मिल सकेगा। इससे दर्शकों पर सीधा आर्थिक लाभ होगा और फिल्म देखना अधिक किफायती हो जाएगा।
फिल्म की खासियत
‘120 बहादुर’ में युद्धकालीन परिस्थितियों, सैनिकों की रणनीति, साहस और बलिदान को भावनात्मक और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। फरहान अख्तर का मेजर शैतान सिंह का किरदार फिल्म का मुख्य आकर्षण है, जो इस ऐतिहासिक युद्ध में अपनी नेतृत्व क्षमता और वीरता के लिए आज भी याद किए जाते हैं।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार के इस फैसले से न सिर्फ टिकट के दाम कम होंगे, बल्कि नई पीढ़ी को देश के वीर सैनिकों की अदम्य गाथा देखने और समझने का अवसर भी मिलेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan


