दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रस्तावित रैली की अनुमति आखिरी समय पर रद्द कर दी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। 1 मार्च को जंतर-मंतर पर होने वाली इस रैली का मकसद आबकारी नीति मामले में बरी होने का जश्न मनाना था।
शराब नीति घोटाले में कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 लोगों को बरी कर दिया। CBI को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा कि कोई षड्यंत्र या आपराधिक मंशा साबित नहीं हुई। इस जीत के बाद AAP ने जंतर-मंतर पर मेगा रैली बुलाई। कई दिनों पहले अनुमति मिल चुकी थी, लेकिन शनिवार शाम को दिल्ली पुलिस ने इसे रद्द कर दिया।
केजरीवाल का सोशल मीडिया हमला
अरविंद केजरीवाल ने X पर पोस्ट कर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, “कल जंतर-मंतर पर हमारी रैली थी। आखिरी वक्त में पुलिस से रद्द करवा दिया। क्या ये कोर्ट के फैसले का परिणाम है? अपनी बात रखना संवैधानिक अधिकार है। इस तरह की तानाशाही सही नहीं। हमें रैली करने दो।”
AAP नेताओं का रुख
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पुलिस कमिश्नर पर फोन न उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर आंदोलनों के लिए बनी जगह है। BJP की घबराहट साफ दिख रही।” सौरभ भारद्वाज ने ऐलान किया कि रैली तय समय पर होगी। बाद में पुलिस अधिकारियों से बात होने का दावा किया। AAP कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़े।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
आबकारी नीति मामले ने AAP को लंबे समय तक परेशान किया। बरी होने से पार्टी को राजनीतिक बढ़त मिली। दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए यह रैली महत्वपूर्ण थी। BJP ने चुप्पी साधी, लेकिन AAP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने कहा कि भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के कारण अनुमति रोकी।
संभावित परिणाम
AAP रैली पर अड़ी है। अगर बिना अनुमति हुई तो टकराव संभव। केजरीवाल ने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात उठाई। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तनातनी बढ़ सकती है। यह घटना दिल्ली की सियासत को गरमा देगी।
AAP की रणनीति साफ: जनता के बीच अपनी बेगुनाही साबित करना। पुलिस का फैसला विवादास्पद।
Correspondent – Shanwaz Khan


