राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 उस समय विवादों में आ गया, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी भारत-अमेरिका ट्रेड डील और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता क्यूआर कोड के माध्यम से प्रवेश लेकर भारत मंडपम के भीतर पहुंचे और अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताने के दौरान टी-शर्ट उतारकर भी प्रदर्शन किया, जिससे वहां मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर गया और कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर ले जाकर पूछताछ शुरू की।
भारतीय युवा कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार की विदेश नीति और भारत-अमेरिका समझौतों को लेकर सवाल उठाए और दावा किया कि उनका विरोध देशहित से जुड़े मुद्दों को लेकर था। संगठन ने कहा कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और वे उसी के तहत शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल चार कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली गई है, जिनमें संगठन के विभिन्न पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है कि वे कार्यक्रम स्थल के भीतर कैसे पहुंचे और उनका उद्देश्य क्या था। सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भारत एक महत्वपूर्ण वैश्विक शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, तब इस तरह का विरोध देश को शर्मिंदा करने वाला कदम है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने कांग्रेस पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष इसे नीतिगत विरोध बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल इसे अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दे रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
Correspondent – Shanwaz Khan


