प्रांत न्यूज़ – नई दिल्ली। भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स की खरीद-फरोख्त पर सख्ती बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने विदेश से संचालित 25 क्रिप्टो एक्सचेंजों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत नोटिस जारी किया है।
भारत में पंजीकृत नहीं हैं कंपनियां
ये सभी डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VASPs) अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर, कंबोडिया, ब्रिटेन और वर्जिन आइलैंड जैसे देशों से संचालित हो रहे हैं। भारत में इनमें से कोई भी कंपनी पंजीकृत नहीं है।
FIU के अनुसार, अभी तक भारत में केवल 50 डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स ही आधिकारिक तौर पर पंजीकृत हैं।
किन कंपनियों को नोटिस भेजा गया?
FIU ने जिन विदेशी प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा है उनमें शामिल हैं:
- CEX.io
- LBank
- Coincola
- CoinW
- LCX
- BitMEX
- Phemex
- Zoomex
- BingX
- YouHodler
(और अन्य कई एक्सचेंज)
FIU की चेतावनी
FIU का कहना है कि क्रिप्टो और इस प्रकार के डिजिटल एसेट्स की खरीद-फरोख्त अत्यंत जोखिम भरी है। इस बाजार पर अभी कोई नियामक संस्था नहीं है, इसलिए नुकसान होने पर निवेशकों के पास कानूनी सुरक्षा या शिकायत का कोई विकल्प नहीं रहता।
सरकार की सख्ती
FIU पहले भी इस तरह की विदेशी कंपनियों पर कार्रवाई कर चुका है। अब एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सिफारिश भेजी गई है कि इन विदेशी क्रिप्टो प्लेटफार्म्स के URL भारत में ब्लॉक किए जाएं ताकि इनका संचालन देश में पूरी तरह से रोका जा सके।
क्यों हो रही है कार्रवाई?
- मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेन-देन पर रोक लगाने के लिए।
- निवेशकों को धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए।
- भारत में पंजीकृत और नियमों का पालन करने वाले क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को बढ़ावा देने के लिए।


