बिहार सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार (09 दिसंबर 2025) को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इनमें सबसे अहम फैसला सरकारी सेवकों और पेंशनधारियों के डीए में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का रहा।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, षष्ठम केंद्रीय वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को अब 252 प्रतिशत की जगह 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। वहीं पंचम वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए को 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधित दरें 1 जुलाई 2025 से लागू होंगी। बढ़ते महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में राज्य प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नए विभागों के गठन को भी मंजूरी दी गई। वर्तमान 45 विभागों के अलावा अब तीन नए विभाग बनाए जाएंगे—युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सिविल विमानन विभाग। इन विभागों के गठन से संबंधित क्षेत्रों में कामकाज की दक्षता बढ़ने और युवाओं को अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने कई मौजूदा विभागों के नाम बदलने की भी मंजूरी दी। पशु और मत्स्य संसाधन विभाग का नाम बदलकर डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग किया जाएगा। श्रम संसाधन विभाग अब श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के नाम से जाना जाएगा, जबकि कला संस्कृति एवं युवा विभाग का नाम बदलकर कला एवं संस्कृति विभाग रखा गया है। तकनीकी विकास निदेशालय का नाम भी परिवर्तित कर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय कर दिया गया है।
युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ‘विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम’ शुरू करने जा रही है। इसके लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSEIL), मुंबई के साथ एमओयू साइन करने की अनुमति दे दी गई है। इस कार्यक्रम से छात्रों को वित्तीय बाजारों और संबंधित कौशलों की ट्रेनिंग मिलने की संभावना है।
इसके साथ ही बीएसएफ के शहीद सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज के पुत्र को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं गया और मुंगेर जिलों को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी अहम निर्णय लिया गया। वाल्मीकि नगर में बाघों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष फाउंडेशन न्यास’ का गठन किया जाएगा, जिसके लिए 15 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इसके अलावा पटना चिड़ियाघर में प्रवेश टिकट की कीमत भी बढ़ सकती है, क्योंकि चिड़ियाघर के संचालन और संसाधनों में बढ़ोतरी के लिए एक नई सोसाइटी गठित करने का फैसला लिया गया है।
Bihar / Piyush Dhar Diwedi


