अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते राजनीतिक हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बातचीत की। यह संवाद ऐसे समय पर हुआ है जब वेनेजुएला और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव देखने को मिल रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग, व्यापारिक संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। खास तौर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। माना जा रहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रहा है और वेनेजुएला इस दिशा में एक अहम भागीदार बन सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान वेनेजुएला की जनता के प्रति भारत की सद्भावना दोहराई और दोनों देशों के बीच पुराने मित्रवत संबंधों को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा विकासशील देशों के साथ सहयोग और आपसी सम्मान के आधार पर रिश्ते मजबूत करने में विश्वास रखता है।
वहीं राष्ट्रपति मादुरो ने भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि वेनेजुएला ऊर्जा, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बातचीत सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक रणनीतिक समीकरण भी जुड़े हुए हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों और दबाव के बीच भारत का यह कूटनीतिक कदम संतुलित विदेश नीति का संकेत माना जा रहा है।
भारत पहले भी वेनेजुएला से तेल आयात करता रहा है और दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते लंबे समय से मौजूद हैं। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते कुछ वर्षों में यह व्यापार प्रभावित हुआ था। अब हालिया बातचीत से उम्मीद जताई जा रही है कि ऊर्जा सहयोग को फिर से मजबूती मिल सकती है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मादुरो के बीच हुई यह बातचीत ऐसे वक्त पर सामने आई है जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है। आने वाले समय में इसके असर भारत-वेनेजुएला संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल सकते हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


