समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने लखनऊ में Swami Avimukteshwaranand Saraswati से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली और इसे प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया बहुत शक्तिशाली हो गया है और कई बार लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद पैदा कर देते हैं। ऐसे माहौल में संतों और धर्मगुरुओं का मार्गदर्शन समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि संत समाज का सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है और वह शंकराचार्य के विचारों और मार्गदर्शन को सुनने के लिए उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश और समाज में शांति और सद्भाव बना रहे, इसके लिए संतों का आशीर्वाद जरूरी है।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हालांकि मुलाकात के बाद किसी राजनीतिक मुद्दे पर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई, लेकिन इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
दरअसल, जनवरी 2026 में Magh Mela के दौरान Prayagraj में प्रशासन और पुलिस के साथ शंकराचार्य का विवाद सामने आया था। उस घटना के बाद कई राजनीतिक नेता उनसे मिलने पहुंचे हैं और उनका समर्थन जताया है।
ऐसे में अखिलेश यादव की यह मुलाकात भी प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर सियासत और तेज हो सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी के समर्थक इसे संत समाज के प्रति सम्मान की भावना से जोड़कर देख रहे हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


