पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी को करारा झटका लगा है। अररिया के नरपतगंज से चार बार विधायक रह चुके कद्दावर नेता जनार्दन यादव ने बीजेपी का दामन छोड़कर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ज्वॉइन कर ली है।
पटना में हुई एंट्री
पटना स्थित जन सुराज कार्यालय में प्रशांत किशोर और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय कुमार सिंह की मौजूदगी में जनार्दन यादव ने सैकड़ों समर्थकों के साथ जन सुराज का “पीला गमछा” ओढ़ा। इस मौके पर दोनों नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि जनार्दन यादव जैसे अनुभवी और संघर्षशील नेता का साथ मिलना पार्टी के लिए बड़ा बल है।
बीजेपी छोड़ने के पीछे कारण
जेपी आंदोलन की उपज रहे जनार्दन यादव ने हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा और अनदेखी का आरोप लगाया था। यही वजह रही कि उन्होंने आखिरकार बीजेपी से इस्तीफा देकर जन सुराज का रुख किया।
लंबा राजनीतिक सफर
- जनसंघ के दौर से ही सक्रिय राजनीति में रहे हैं जनार्दन यादव।
- जेपी आंदोलन के दौरान मीसा कानून के तहत दो बार जेल भी गए।
- भागलपुर केंद्रीय कारा में कई महीने बंदी के रूप में समय बिताया।
- नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चार बार विधायक रह चुके हैं।
- अररिया जिले में उन्हें बीजेपी का पुराना सिपहसलार माना जाता है।
चुनावी सियासत गरमाई
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है, जिसके बाद बिहार की सियासत में चुनावी शोरगुल तेज हो चुका है। हालांकि अभी अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन नेताओं का पाला बदलना लगातार जारी है। जनार्दन यादव का बीजेपी छोड़कर जन सुराज में शामिल होना निश्चित रूप से पार्टी के लिए बड़ा चुनावी झटका माना जा रहा है।


