लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कई तंज कसे। अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव बेवजह लाया गया है और इसका कोई ठोस आधार नहीं है।
बहस के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गोगोई ने चर्चा के दौरान बार-बार एक ऐसी किताब का हवाला दिया जो अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। प्रसाद ने व्यंग्य करते हुए सवाल किया कि जब किताब छपी ही नहीं है तो उसे प्रामाणिक यानी ‘ऑथेंटिक’ किस आधार पर माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद में बहस तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि अनुमान और अधूरी जानकारी के आधार पर।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की एक लंबी परंपरा रही है और पहले भी इस तरह के प्रस्तावों पर बहस हो चुकी है। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी है और किसी भी बहस को मर्यादा के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया। प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को बुनियादी चीजों की भी जानकारी नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं कि जलेबी फैक्ट्री में नहीं बनती। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बन गया।
दरअसल, इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी अपने संबोधन में सरकार और संसदीय व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि यह चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका से जुड़ी हुई है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सदन देश की जनता की आवाज है और यह किसी एक दल का मंच नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब भी विपक्ष अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता है तो उसे बोलने से रोकने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब उन्हें बोलने का मौका मिला था, तब उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए थे। उनके अनुसार संसद में स्वस्थ बहस और सवाल पूछना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है।
सदन में बहस के दौरान चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने कहा कि रविशंकर प्रसाद के बाद राहुल गांधी को बोलने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद राहुल गांधी ने अपना पक्ष रखा और सरकार पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी के भाषण के बाद रविशंकर प्रसाद ने एक बार फिर से विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए और बिना ठोस तथ्यों के आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है।
लोकसभा में हुई इस बहस के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि स्पीकर और चेयर की ओर से बार-बार सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के माहौल को तेज कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Correspondent – Shanwaz Khan


