दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों पर हुए बहुचर्चित उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। राजधानी की स्थानीय राजनीति में अहम माने जा रहे इन चुनावों में बीजेपी, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस — तीनों ही दलों ने कुछ-कुछ वार्डों में बढ़त और जीत दर्ज की है। कई सीटों पर मुकाबला इतना कड़ा रहा कि शुरुआती राउंड से लेकर अंतिम राउंड तक तस्वीर बार-बार बदलती दिखी। कुल मिलाकर यह उपचुनाव दिल्ली की राजनीति में नए संतुलन और स्थानीय मुद्दों के प्रभाव को उजागर करता है।
बीजेपी का कई वार्डों पर शानदार प्रदर्शन
सबसे प्रभावशाली जीत बीजेपी की ओर से शालीमार बाग वार्ड में देखने को मिली, जहां भाजपा उम्मीदवार अनीता जैन ने 16,843 वोट हासिल कर सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उनके सामने AAP की बबीता राणा को केवल 6,742 वोट मिले। राजधानी के उत्तरी इलाके में यह जीत बीजेपी की मजबूत पकड़ की पुष्टि करती है।
इसी तरह दिचाऊं कलां में भी बीजेपी ने दमदार जीत दर्ज की, जहां रेखा रानी ने 5,637 वोटों के भारी अंतर से विजयी रहीं।
चांदनी चौक जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अहम वार्ड में भी बीजेपी ने बढ़त बनाए रखी। यहां सुमन गौर गुप्ता ने 7,825 वोट पाकर जीत हासिल की, जबकि AAP के हर्ष शर्मा को 6,643 वोट मिले।
द्वारका-बी सीट पर भी भारतीय जनता पार्टी की मनीषा देवी ने जीत दर्ज की और पार्टी को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में मजबूती प्रदान की।
AAP का दक्षिण दिल्ली में कब्जा कायम
दक्षिणी दिल्ली के दक्षिण पुरी वार्ड में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर अपनी पकड़ साबित की। AAP उम्मीदवार राम स्वरूप कनौजिया ने 12,372 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा प्रत्याशी रोहिणी को 10,110 वोट मिले।
यह जीत पार्टी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिण दिल्ली में AAP लगातार अपनी लोकप्रियता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। इस सीट पर मतों का अंतर जनता की स्थानीय नीतियों और कामों पर भरोसा दर्शाता है।
संगम विहार में कांग्रेस की दमदार वापसी
सबसे चौंकाने वाला नतीजा संगम विहार से आया, जहां कांग्रेस ने लंबे अंतराल के बाद वापसी करते हुए बड़ी जीत दर्ज की। यहां कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश चौधरी को 12,766 वोट मिले और उन्होंने बीजेपी के सुभ्रजीत गौतम को पीछे छोड़ दिया, जिन्हें 9,138 वोट मिले।
यह जीत कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में तीसरे स्थान पर रही है।
AIFB की मौजूदगी और स्थानीय असर
दिल्ली की राजनीति में कम ही नजर आने वाला दल ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) भी इस उपचुनाव में चर्चा में रहा। एक वार्ड में बढ़त बनाकर पार्टी ने दिखाया कि स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय नेतृत्व का प्रभाव कई इलाकों में महत्वपूर्ण होता है।
विनोद नगर—सबसे रोमांचक मुकाबला
12 वार्डों में सबसे दिलचस्प मुकाबला विनोद नगर में देखने को मिला, जहां चुनाव त्रिकोणीय हो गया। बीजेपी से सरला चौधरी, AAP से गीता रावत और कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे।
यहां 36.47% मतदान रहा, जो औसत से कम है। कम वोटिंग के कारण नतीजों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह सीट परिणामों के लिहाज से सबसे अधिक रोमांचक रही।
निष्कर्ष
दिल्ली MCD उपचुनाव के ये नतीजे बताते हैं कि राजधानी की स्थानीय राजनीति में तीनों मुख्य दल—BJP, AAP और कांग्रेस—अपनी-अपनी मौजूदगी को बनाए हुए हैं। जहां बीजेपी ने कई अहम सीटों पर दबदबा दिखाया, वहीं AAP ने दक्षिण दिल्ली में मजबूत पकड़ कायम रखी और कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण जीत के साथ वापसी के संकेत दिए।
Correspondent – Shanwaz Khan


