Piyush Dhar Diwedi/Parliment
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी एक नए विवाद में घिर गईं, जब वे अपनी गाड़ी में अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुंचीं। उनका यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। कई बीजेपी नेताओं ने इस घटनाक्रम को संसद की परंपरा और मर्यादा के विपरीत बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
वीडियो वायरल होने के बाद जब मीडिया ने रेणुका चौधरी से इस बारे में सवाल किया, तो उन्होंने आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह मुद्दा अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसमें कौन-सी बड़ी बात है? एक छोटा-सा गूंगा जानवर अंदर आ गया तो क्या समस्या हो गई? यह काटने वाला नहीं है। काटने वाले तो कई और लोग बैठे हैं पार्लियामेंट में।” उनके इस बयान ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच चल रहे विवाद को और तीखा कर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष पर की गई हालिया टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। चौधरी ने सवाल उठाया कि यदि सरकार को सत्र को लेकर इतनी चिंता थी, तो पूरे महीने चलने वाला शीतकालीन सत्र घटाकर मात्र पंद्रह दिन का क्यों कर दिया गया? उन्होंने कहा, “मुद्दों की कोई कमी नहीं थी, फिर सत्र छोटा करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकार आखिर किस बात से घबरा रही है?”
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संसद देश की नीतियों पर गंभीर विचार-विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां इस तरह का आचरण अस्वीकार्य है। पाल ने आरोप लगाया कि चौधरी ने अपने विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा, “अपने पालतू कुत्ते को संसद में लेकर जाना और फिर इस पर विवादित बयान देना संसद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। यह लोकतंत्र का अपमान है और इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
घटना ने सत्र की शुरुआत में ही राजनीति में गरमाहट ला दी है, और अब देखने वाली बात यह है कि संसद की कार्यवाही पर इसका आगे क्या असर पड़ता है।


