Monday, March 2, 2026
Google search engine
Homeटॉप स्टोरीभारत की टेस्ट हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल...

भारत की टेस्ट हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग पर सवाल तेज, मनोज तिवारी बोले—“अब नए कोच की तलाश जरूरी”

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की करारी हार ने भारतीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। गुवाहाटी टेस्ट में 408 रन से मिली शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया की तैयारी, रणनीति और कोचिंग स्टाइल पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने खुलकर कहा है कि अब BCCI को टेस्ट टीम के लिए नए कोच की तलाश शुरू करनी चाहिए।

भारत लगातार दूसरा घरेलू टेस्ट सीरीज हार चुका है, और इसके साथ ही टीम के प्रदर्शन में दिख रही गिरावट ने बीसीसीआई और फैंस दोनों को चिंतित कर दिया है। मनोज तिवारी का कहना है कि यह हार चौंकाने वाली नहीं थी, बल्कि काफी समय से संकेत मिल रहे थे कि टीम की प्रक्रिया गलत दिशा में जा रही है।

“पहले से पता था कि कुछ सही नहीं चल रहा”

मनोज तिवारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि लगातार हो रहे बदलाव, टीम का अनबैलेंस्ड संयोजन और स्पष्ट प्लानिंग का अभाव भारत की टेस्ट हार की असली वजह है। उन्होंने कहा कि यह समस्याएँ पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी दिखीं, फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ और अब दक्षिण अफ्रीका के सामने पूरी तरह उजागर हो गईं।

तिवारी के अनुसार भारत जैसे बड़े क्रिकेटिंग ढांचे को लाल गेंद क्रिकेट के लिए ऐसे कोच की जरूरत है जिसे टेस्ट क्रिकेट की गहरी समझ हो। उनका कहना है कि सीमित ओवरों में सफलता का मतलब यह नहीं कि वही कोच टेस्ट क्रिकेट में भी उतना प्रभावी साबित होगा।

गंभीर को हटाने की खुली मांग

तिवारी ने पहली बार इतने सीधे शब्दों में कहा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए गौतम गंभीर सही विकल्प नहीं हैं। उन्होंने कहा,
“अगर भारतीय टेस्ट क्रिकेट को बचाना है, तो यह बिल्कुल सही समय है जब BCCI को बड़ा कदम उठाना चाहिए। नए कोच की तलाश में देर नहीं करनी चाहिए।”

गंभीर के दावों पर तिवारी का पलटवार

सीरीज हारने के बाद गंभीर ने कहा था कि उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई। लेकिन मनोज तिवारी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

तिवारी के मुताबिक, “एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम पहले से तैयार थी। रोहित शर्मा, राहुल द्रविड़ और उससे पहले विराट कोहली की कप्तानी में वह नींव बहुत पहले रखी जा चुकी थी। भारत ये टूर्नामेंट गंभीर हों या न हों, जीत ही लेता। वहीं इंग्लैंड सीरीज में भारत हार भी सकता था।”

क्या बदलेगा BCCI का फैसला?

अब बीसीसीआई पर निगाहें हैं कि वह गंभीर के भविष्य को लेकर क्या निर्णय लेता है। भारत की लगातार दो घरेलू टेस्ट हार ने सवालों को और गंभीर बना दिया है। आने वाले समय में भारतीय टेस्ट क्रिकेट की दिशा काफी हद तक इसी फैसले पर निर्भर करेगी।

Correspondent – Shanwaz Khan

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments