Monday, March 2, 2026
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चीन में 18 घंटे हिरासत में रखी गई भारतीय युवती का आया नया बयान, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

चीन में उत्पीड़न का सामना करने वाली अरुणाचल प्रदेश की महिला पेमा वांग थोंगडोक ने अपनी ताज़ा सोशल मीडिया पोस्ट में पूरी घटना पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। शंघाई एयरपोर्ट पर चीनी अधिकारियों द्वारा लगभग 18 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बाद अब पेमा ने न सिर्फ चीन के रवैये पर सवाल उठाए, बल्कि भारत सरकार और देश की एकता पर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया है।

पेमा वांग थोंगडोक के मुताबिक, 21 नवंबर को लंदन से जापान जाते समय शंघाई एयरपोर्ट पर उनके तीन घंटे के ट्रांजिट के दौरान चीनी इमिग्रेशन ने उनके भारतीय पासपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि उनका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है, इसलिए उनका भारतीय पासपोर्ट वैध नहीं है। इसी विवाद के चलते उन्हें कई घंटों तक रोके रखा गया और बार-बार पूछताछ की गई। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता का सीधा अपमान बताया।

समर्थन करने वालों का धन्यवाद, ट्रोल्स पर निशाना

घटना के बाद पेमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके पक्ष में आवाज उठाई। उन्होंने लिखा कि वह एक्स पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहतीं क्योंकि वह वित्तीय सेवाओं में एक उच्च पद पर कार्यरत हैं और ट्रोल्स से बहस करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग सही सोच रखते हैं, वे उनकी स्थिति को समझते हैं, और जिन्हें नहीं समझ आता, उनसे वह संवाद नहीं करना चाहतीं।

‘भारत सरकार जो करती है, पूरे देश के हित में करती है’

अपनी पोस्ट में पेमा ने यह भी कहा कि भारत सरकार के फैसले हमेशा पूरे भारत के हित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह भारत में नहीं रहतीं, इसलिए सरकार के कदम उनके लिए नहीं, बल्कि देश में रहने वाले करोड़ों भारतीयों, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश के लोगों की सुरक्षा, सम्मान और हितों के लिए होते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद या कठिन समय में भारतीयों को एकजुट रहकर एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। उनके अनुसार, “हम एक राष्ट्र हैं और हम हमेशा एक-दूसरे के लिए खड़े रहते हैं। यही हमारी ताकत है।”

शंघाई में हुई घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया

पेमा ने शंघाई एयरपोर्ट की घटना को ‘अपमानजनक’ बताते हुए कहा कि चीनी अधिकारियों का यह कदम भारत की संप्रभुता और अरुणाचल प्रदेश की पहचान पर सीधा हमला था। उन्होंने बताया कि उनके पासपोर्ट पर जन्मस्थान के रूप में ‘अरुणाचल प्रदेश’ लिखा देखकर अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र चीन का हिस्सा है, इसलिए पासपोर्ट वैध नहीं है। यह दावा उन्होंने न सिर्फ गलत बल्कि बेहद आपत्तिजनक बताया।

पेमा की यह नई पोस्ट एक बार फिर चीन-भारत सीमा विवाद और अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के दावों को चर्चा में ले आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर उनके साहस और स्पष्ट रुख की व्यापक सराहना की जा रही है।

Correspondent – Shanwaz khan

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