भारत और इजराइल के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद इस समझौते पर औपचारिक बातचीत का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने तेल अवीव में हुए एक शिखर सम्मेलन के दौरान इसकी जानकारी दी। उनके साथ इजराइल के इकोनॉमी मंत्री नीर बरकत भी मौजूद थे। गोयल ने कहा कि भारत इजराइली कंपनियों के लिए विशाल अवसर उपलब्ध कराता है और दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव आगे और मजबूत होगा।
भारत–इजराइल व्यापार की वर्तमान स्थिति
दोनों देशों के बीच इस समय करीब 6 अरब डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि FTA से यह व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है। सितंबर 2025 के व्यापारिक आंकड़े बताते हैं कि भारत ने इस महीने इजराइल को 178 मिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 121 मिलियन डॉलर का आयात किया। यानी भारत का कुल पॉजिटिव ट्रेड बैलेंस करीब 56.8 मिलियन डॉलर रहा।
हालांकि, पिछले वर्ष सितंबर 2024 की तुलना में इस बार व्यापार में थोड़ी गिरावट देखी गई है। भारतीय निर्यात में लगभग 5.19 प्रतिशत की कमी आई है, जो 188 मिलियन डॉलर से घटकर 178 मिलियन डॉलर रह गया। इसी तरह आयात में भी करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार स्थिर और मजबूत बने हुए हैं।
भारत से इजराइल को होने वाला प्रमुख निर्यात
इजराइल भारत के कई प्रमुख उत्पादों का बड़ा खरीदार है। इसमें कीमती पत्थर, मोती, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, मोटर वाहन डीजल जैसे आइटम शामिल हैं। इजराइल की तकनीक-आधारित अर्थव्यवस्था और भारत की उत्पादन क्षमता मिलकर बेहतर व्यापार संभावनाएं तैयार करती हैं।
FTA से बढ़ेगी बाज़ार तक पहुंच
माना जा रहा है कि FTA लागू होने के बाद भारतीय कंपनियों की पहुंच इजराइली बाजार तक और आसान हो जाएगी। इससे न केवल भारत का निर्यात बढ़ेगा, बल्कि घरेलू उद्योगों और किसानों को भी बड़ा फायदा हो सकता है। विशेष रूप से कृषि उत्पाद और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए इजराइल एक महत्वपूर्ण बाजार साबित हो सकता है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, तकनीक और कृषि नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है। FTA से जुड़े अगले दौर की बातचीत जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई गति मिलेगी।
Correspondent – Shanwaz Khan


