Monday, March 2, 2026
Google search engine
Homeटॉप स्टोरीमीनाक्षी हुड्डा ने विश्व मुक्केबाजी कप में रचा इतिहास, 48 किग्रा वर्ग...

मीनाक्षी हुड्डा ने विश्व मुक्केबाजी कप में रचा इतिहास, 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर लहराया तिरंगा

भारत की स्टार मुक्केबाज मीनाक्षी हुड्डा ने विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया। उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फरजोना के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में मीनाक्षी ने एकतरफा खेल दिखाया और सर्वसम्मत निर्णय से 5-0 की बड़ी जीत हासिल की।

मुकाबले की शुरुआत से ही मीनाक्षी ने अपने आक्रामक अंदाज से विरोधी खिलाड़ी पर दबाव बना लिया था। उनके तेज पंच और सटीक मूवमेंट्स की बदौलत फरजोना मुकाबले में वापसी नहीं कर पाईं। यह जीत न सिर्फ उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का क्षण बन गई है।

जीत के बाद मीनाक्षी ने कहा, “इस टूर्नामेंट के लिए मैं बेहद उत्साहित थी क्योंकि यह भारत में हो रहा था। मैंने हर बाउट 5-0 के अंतर से जीती और यह मेरे लिए गर्व का पल है। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है और मुझे खुशी है कि मैं यह सपना पूरा कर पाई।” उन्होंने आगे कहा कि गोल्ड जीतना जितना मुश्किल है, उससे ज्यादा कठिन उसे बरकरार रखना होता है।

हरियाणा के रुड़की गांव में जन्मी मीनाक्षी ने 12 साल की उम्र से ही बॉक्सिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने 2019 में यूथ नेशनल में गोल्ड और 2021 में सीनियर नेशनल्स में रजत पदक जीता था। 2022 की एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में नौकरी मिली, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरी और उन्हें आगे बढ़ने की ठोस प्रेरणा मिली।

मीनाक्षी के साथ-साथ भारत की एक और मुक्केबाज, प्रीति पवार ने भी विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। प्रीति ने इटली की सिरीन चाराबी को 5-0 से मात देकर 54 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड जीतकर भारत का परचम ऊंचा किया। वे लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रही थीं, लेकिन इस जीत के साथ शानदार वापसी की है।

प्रीति ने जीत के बाद कहा, “मैंने फिर से अपनी लय पा ली है। आने वाले समय में एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए और भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं। 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए मेरी तैयारी शुरू हो चुकी है।”

मीनाक्षी और प्रीति की इस सफलता ने भारत को मुक्केबाजी जगत में एक बार फिर चमका दिया है। दोनों खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और जुनून ने भारतीय मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

Correspondent – Shanwaz Khan

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments