दिल्ली में सर्द हवाओं का असर बढ़ा, दिन में हल्की धूप तो रात में कड़ाके की ठंड, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
दिल्ली-एनसीआर में नवंबर ने सर्दी का अहसास करा दिया है। सुबह-शाम की ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने राजधानी में सर्दियों की आधिकारिक दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड में और इजाफा होने वाला है। वहीं, प्रदूषण का स्तर भी लगातार खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
तापमान में गिरावट से ठिठुरन बढ़ी
दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर) को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में हो रही गिरावट ने रात के समय ठंडक बढ़ा दी है। IMD का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच सकता है।
रविवार (9 नवंबर) को राजधानी का न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री और अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी कुछ ही दिनों में पारा करीब 5 डिग्री नीचे आया है। मौसम विज्ञानी कहते हैं कि यह उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी हवाओं और हेल्मेटिक सर्द लहरों का असर है, जो धीरे-धीरे दिल्ली की ओर फैल रही हैं।
दिन सुहाना, रात ठंडी
मौसम विभाग ने बताया है कि दिल्ली में आने वाले सप्ताहभर तक आसमान साफ रहेगा और दिन में हल्की धूप खिली रहेगी। हालांकि, रात में सर्द हवाएं चलने से ठिठुरन बनी रहेगी। सुबह और देर शाम के समय हवा की गति औसतन 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में तापमान में धीमी लेकिन स्थायी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पिछले दो दिनों में कई इलाकों—जैसे लोधी रोड, अयानगर और रिज—में तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसका असर यह हुआ कि सुबह की सैर पर निकलने वालों ने हल्की स्वेटर या जैकेट पहननी शुरू कर दी है।
ठंडी हवाओं की दस्तक और सर्द शुरुआत
उत्तर की ओर से आने वाली हवाओं का रुख सर्दी को और बढ़ा रहा है। सुबह और शाम के समय हवाओं की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने से दिल्ली में हल्की सिहरन महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि यह इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रातें हैं और आने वाले सप्ताह में न्यूनतम तापमान औसतन 10 से 12 डिग्री के बीच रहेगा।
IMD ने साफ किया है कि अभी दिल्ली में कोई प्रमुख पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है, इसलिए बारिश की संभावना नहीं है। सूखा मौसम रहने के चलते हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे रात का तापमान नीचे जाता रहेगा।
प्रदूषण का स्तर “बहुत खराब” श्रेणी में
दिल्ली में ठंड के साथ प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) औसतन 361 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों—जैसे आनंद विहार, मुंडका और वज़ीरपुर—में यह स्तर 380 से 400 के बीच रहा।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, ठंडी हवाओं और साफ आसमान के बावजूद प्रदूषण कम नहीं हो रहा क्योंकि हवा की दिशा और गति स्थिर बनी हुई है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं अब भी जारी हैं, जिससे दिल्ली की हवा पर सीधा असर पड़ रहा है।
राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मौसम में ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा जिससे प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सके। हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी बनी रहेगी और उसकी गति में ज्यादा फर्क नहीं आएगा। इसलिए अगले कुछ दिनों तक AQI “बहुत खराब” से “खराब” श्रेणी में बना रहेगा।
इस स्थिति को देखते हुए पर्यावरण विभाग ने 65 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम विकल्प देने और निर्माण गतिविधियों पर सख्त निगरानी जारी रखने की सिफारिश की है। विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें और एयर प्यूरिफायर का प्रयोग करें।


