बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच, मुजफ्फरपुर के गायघाट में JDU ने एक विशाल जनसभा के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की प्रत्याशी कोमल सिंह के लिए वोट मांगते हुए जनता को संबोधित किया। लेकिन इस सभा की सबसे बड़ी सुर्ख़ी बनीं खुद कोमल सिंह, जिन्होंने अपने जोशीले और भावुक भाषण से वहां मौजूद हर किसी को चौंका दिया।
कोमल सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत एक फिल्मी डायलॉग की तर्ज पर की, जिसने पूरे माहौल में जोश भर दिया। उन्होंने कहा, “जिस तरह हिंदुस्तान जिंदाबाद था, है और रहेगा, उसी तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी थे, हैं और रहेंगे।” उन्होंने नीतीश कुमार को बिहारियों की शान और पहचान बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के विकास के लिए काम किया है।
अपने पिता को याद करते हुए कोमल सिंह भावुक हो गईं और कहा कि एक नेता की सबसे बड़ी पूंजी उसकी जनता होती है। भीषण गर्मी में जुटी भीड़ का आभार जताते हुए उन्होंने कहा, “इस बेटी को जो आशीर्वाद आपने दिया है, उसके लिए मैं सिर झुका कर प्रणाम करती हूं।” उन्होंने जनता से अपील की कि तीर निशान पर दिया गया उनका वोट सिर्फ उन्हें नहीं, बल्कि नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के सभी सहयोगियों को मजबूत करेगा।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए कोमल सिंह ने महागठबंधन के शासनकाल को बिहार के पिछड़ेपन का कारण बताया। उन्होंने कहा, “जब वो लोग आपके बीच आएं, तो उनसे पूछिए कि क्या उन्हें अपने बच्चों के लिए 90 का वो दशक मंजूर है?” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता अपने काम गिनाने के बजाय जात-पात और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करेंगे। इसके जवाब में उन्होंने एकजुटता का संदेश दिया और कहा, “हमारी जाति भी बिहारी है, धर्म भी बिहारी है और पहचान भी बिहारी है, इसलिए वोट भी बिहार के विकास के नाम पर ही पड़ना चाहिए।”


