Monday, March 2, 2026
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Homeटॉप स्टोरीछठ पूजा 2025: आस्था, अनुशासन और सूर्य उपासना का अद्भुत संगम

छठ पूजा 2025: आस्था, अनुशासन और सूर्य उपासना का अद्भुत संगम

डिजिटल डेस्क, पटना। आस्था, अनुशासन और सूर्य उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा का समापन आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ। बिहार सहित पूरे उत्तर भारत में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा नज़ारा देखने को मिला। सुबह-सुबह व्रतधारी महिलाएं साड़ी में पारंपरिक वेषभूषा धारण किए हुए कलश और ठेकुआ-सूप लेकर घाटों पर पहुँचीं।

पटना के दीघा घाट, गंगा घाट और कुर्जी घाट समेत प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा वातावरण ‘छठ मइया’ के गीतों और मंत्रोच्चारण से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आवास पर सूर्यदेव की पूजा अर्चना की, वहीं चिराग पासवान ने दीघा घाट पर अर्घ्य देकर व्रतियों से मुलाकात की।

औरंगाबाद के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे। वहीं सीतामढ़ी, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में भी भव्य आयोजन हुए। कई जगहों पर व्रतियों ने दंड प्रणाम करते हुए घाटों तक की यात्रा की, जिससे पूरे माहौल में अद्भुत भक्ति की अनुभूति हुई।

इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा और स्वच्छता के विशेष इंतज़ाम किए थे। दीघा घाट पर आकर्षक लाइटिंग और सजावट ने सभी का ध्यान खींचा। खास बात यह रही कि इस बार “मतदान अवश्य करें” संदेश को भी घाटों की सजावट में शामिल किया गया, जिससे सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रसारित हुआ।

सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने 36 घंटे के निर्जला उपवास को तोड़ा। छठ मइया के जयकारों के साथ पर्व का समापन हुआ, लेकिन श्रद्धा और भक्ति की गूंज आने वाले कई दिनों तक बनी रहेगी।

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