नई दिल्ली | Delhi News:
दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाई दूज से पहले राजधानी में ‘सहेली पिंक कार्ड योजना’ शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत अब महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा डिजिटल कार्ड के माध्यम से मिलेगी।
यह कदम दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
कागज़ी टिकट से डिजिटल कार्ड तक का सफर
अब तक डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को कागज़ी टिकट दिए जाते थे। लेकिन जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और कैशलेस हो जाएगी।
‘सहेली पिंक कार्ड’ जारी होने के बाद यात्रियों को बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। बस में चढ़ते समय कार्ड को रीडर मशीन पर टैप करना ही पर्याप्त होगा।
डीटीसी और क्लस्टर बसों में कार्ड रीडिंग मशीनों की इंस्टॉलेशन लगभग पूरी हो चुकी है।
तीन रंगों में तीन सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत तीन तरह के कार्ड जारी करने की योजना बनाई है —
- 🩷 पिंक कार्ड: महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा।
- 💙 ब्लू कार्ड: सभी यात्रियों के लिए सामान्य प्रीपेड मोबिलिटी कार्ड, जिसे रिचार्ज कर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- 🟧 ऑरेंज कार्ड: मासिक पास धारकों के लिए डिजिटल ट्रैवल पास।
तीनों कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) सिस्टम पर आधारित होंगे, यानी इन्हें मेट्रो, बसों और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
आसान आवेदन और डिजिटल प्रक्रिया
पिंक कार्ड केवल दिल्ली के वैध निवासियों को मिलेगा, जिसके लिए पता प्रमाण जरूरी होगा। कार्ड दो प्रकार के होंगे —
- जीरो-केवाईसी कार्ड: मोबाइल नंबर और आधार OTP से तुरंत एक्टिवेट होगा।
- फुल-केवाईसी कार्ड: जिसमें फोटो और पूरी जानकारी होगी, यह बैंकों के माध्यम से जारी किया जाएगा और डेबिट कार्ड की तरह भी काम करेगा।
दिल्ली की बसों में 29 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की बसों में रोजाना करीब 29 लाख यात्री यात्रा करते हैं। जनवरी से जून 2025 के बीच औसतन 14.8 लाख महिलाएं और 14.3 लाख पुरुष बसों से सफर कर रहे थे।
नई योजना लागू होने के बाद न सिर्फ टिकट व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं को एक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव भी मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार का यह प्रयास केवल मुफ्त यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आत्मनिर्भर और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
‘सहेली पिंक कार्ड’ के ज़रिए दिल्ली एक बार फिर स्मार्ट, सुरक्षित और समावेशी ट्रांसपोर्ट मॉडल की ओर बढ़ रही है।


