मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का उद्घाटन कर इसे पूरी दुनिया के लिए खोल दिया। इस नए एयरपोर्ट के संचालन से न केवल मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाज़ारों तक सीधी पहुंच भी प्रदान करेगा।
इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की लागत 19,650 करोड़ रुपये है और इसके पहले चरण में सालाना 2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही सम्भव होगी। अंततः इसकी क्षमता 9 करोड़ यात्रियों तक पहुँचने का अनुमान है। साथ ही, यह एयरपोर्ट सालाना 3.25 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो भी संभालेगा, जिससे यह एशिया के प्रमुख व्यापारिक हब में से एक बन जाएगा।
इतिहास और निर्माण:
PM मोदी ने 18 फरवरी 2018 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल में बनाया गया है, जिसमें अदाणी समूह (74%) और महाराष्ट्र सरकार की एजेंसी CIDCO (26%) शामिल हैं। निर्माण के बाद से यही दोनों संगठन इसका संचालन और प्रबंधन कर रहे हैं।
नवी मुंबई एयरपोर्ट की खासियतें:
- दो 3,700 मीटर लंबे रनवे, जो आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस हैं और कम विज़िबिलिटी में भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करते हैं।
- लगभग 2,866 एकड़ में फैला एयरपोर्ट, जो न केवल मुंबई बल्कि पूरे पश्चिमी भारत की हवाई यात्रा को सुगम बनाएगा।
- उद्घाटन के लगभग एक महीने के भीतर यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने की उम्मीद है।
मुंबईवासियों के लिए राहत:
अब तक छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) मुंबई का मुख्य हवाई अड्डा रहा है, जो अपने दो रनवे और भारी यातायात के कारण अक्सर ओवरलोडेड रहता था। नया एयरपोर्ट बनने से मुंबई में दो अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे, जिससे फ्लाइट्स के लिए समय बचेगा और एयर-ट्रैफिक का दबाव भी आधा होगा।
नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन सिर्फ एक नए हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रतीक भी है।


