कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित ठगी और गबन के एक बड़े मामले में ‘सोना पप्पू’ के नाम से चर्चित व्यक्ति के ठिकानों पर छापेमारी की है। Enforcement Directorate की इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि आरोपी ने लोगों को सस्ते फ्लैट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम ने कोलकाता के कई इलाकों में एक साथ छापे मारे, जिनमें सोना पप्पू का आवास और उससे जुड़े अन्य स्थान शामिल हैं। जांच एजेंसी को शक है कि इस मामले में बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और ठगी से जुटाए गए पैसे को अलग-अलग तरीकों से छिपाया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने रियल एस्टेट के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली। पीड़ितों को यह भरोसा दिलाया गया कि उन्हें कम कीमत में अच्छे लोकेशन पर फ्लैट दिलाए जाएंगे। कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी इस योजना में लगा दी, लेकिन समय बीतने के बाद भी उन्हें न तो फ्लैट मिला और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा।
ED की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल हो सकते हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पैसा किन-किन माध्यमों से इधर-उधर किया गया। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच की जा रही है। आरोप है कि ठगी से प्राप्त रकम को शेल कंपनियों और फर्जी खातों के जरिए घुमाया गया, ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके। ED अब इन लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोना पप्पू पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में सक्रिय था और उसने खुद को एक भरोसेमंद कारोबारी के रूप में पेश किया। हालांकि अब उसके खिलाफ सामने आए आरोपों ने कई लोगों को चौंका दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें संपत्तियों की जब्ती और गिरफ्तारी भी शामिल है। फिलहाल ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि रियल एस्टेट के नाम पर ठगी के मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
Kolkata – Piyush Dhar Diwedi


