Monday, March 30, 2026
Google search engine
Homeराजनीतीसंसद में टी-शर्ट विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने दिया हल्के...

संसद में टी-शर्ट विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने दिया हल्के अंदाज़ में जवाब

संसद के भीतर पहनावे को लेकर एक नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के टी-शर्ट पहनकर संसद में आने को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सवाल उठाए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में ड्रेस कोड को लेकर चर्चा तेज हो गई। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई, जो अपने हल्के-फुल्के लेकिन तीखे अंदाज़ के लिए जानी जाती है।

जब अखिलेश यादव से राहुल गांधी के पहनावे को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने पलटकर पूछा कि आखिर संसद में पहनने के लिए तय क्या है। उन्होंने कहा कि क्या अब संसद में ड्रेस कोड लागू किया जाएगा और अगर ऐसा होता है तो यह सवाल उठता है कि उसे तय कौन करेगा। उनका इशारा इस ओर था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का भी महत्व है।

अखिलेश यादव ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि क्या अब संसद में निक्कर को ड्रेस कोड बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसा कोई नियम लागू होता है और सभी लोग एक ही तरह के कपड़े पहनने लगें, तो वे भी इसके लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को कई लोग व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं, जिसमें उन्होंने ड्रेस कोड लागू करने के विचार पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने यह भी कहा कि किरेन रिजिजू एक समझदार और अच्छे नेता हैं, लेकिन वे कैसे तय कर सकते हैं कि सांसद क्या पहनें। अखिलेश यादव का मानना है कि संसद में चर्चा और मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है, बजाय इसके कि नेताओं के पहनावे पर बहस की जाए।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब किरेन रिजिजू ने संसद में राहुल गांधी के टी-शर्ट पहनने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति को सदन की गरिमा और परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए। उनके अनुसार, संसद एक औपचारिक स्थान है, जहां एक निश्चित मर्यादा और शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए।

रिजिजू ने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब वे एक जिम्मेदार पद पर होते हैं, तो उनके व्यवहार और पहनावे का प्रभाव व्यापक होता है। उन्होंने यह सुझाव दिया कि सांसदों को संसद की गरिमा के अनुरूप कपड़े पहनने चाहिए।

वहीं, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच एकजुटता भी देखने को मिल रही है। अखिलेश यादव पहले भी कई मौकों पर राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर बोल चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वे किसी के साथ खड़े होते हैं तो पूरी मजबूती से खड़े रहते हैं।

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संसद में पहनावे को लेकर कोई स्पष्ट नियम होना चाहिए या फिर इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर छोड़ देना चाहिए। फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है और आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है।

Correspondent – Shanwaz Khan

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments