पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है। यह वही सीट है, जहां से उन्होंने पहले भी चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की थी। इस बार उन्होंने जीत का अंतर बढ़ाकर 60 हजार वोटों तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
ममता बनर्जी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर उनके लिए सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ इलाका है। यहां की जनता ने हमेशा उन्हें समर्थन दिया है और इस बार भी वे उसी भरोसे के साथ मैदान में उतरी हैं।
प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने महिला कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी नीतियों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा है।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक है और विकास के मुद्दों पर ही वोट करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर लोगों को सरकार की योजनाओं और कामकाज के बारे में बताएं।
भवानीपुर सीट को तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन ममता बनर्जी इस बार जीत के अंतर को और बढ़ाकर एक मजबूत संदेश देना चाहती हैं। पार्टी ने भी इस सीट पर पूरी ताकत झोंक दी है। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा रहा है और प्रचार अभियान को तेज किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर से ममता बनर्जी का चुनाव प्रचार शुरू करना एक रणनीतिक कदम है। इससे न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पूरे राज्य में चुनावी माहौल भी उनके पक्ष में बनाने की कोशिश होगी।
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और भी गरमाने वाली है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं, लेकिन ममता बनर्जी का यह आक्रामक अभियान साफ संकेत देता है कि वह इस चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ने के मूड में हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


