उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ के लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, इस वर्ष गेहूं का MSP बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में इजाफा होगा।
राज्य में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों से सीधे गेहूं खरीदा जाए, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उचित दाम मिल सके।
खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आठ प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय सहकारी संघ, प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) शामिल हैं। ये सभी एजेंसियां मिलकर किसानों से गेहूं की खरीद सुनिश्चित करेंगी।
सरकार के इस निर्णय को किसानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब लागत बढ़ने की वजह से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। MSP में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
UP – Piyush Dhar Diwedi


