मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संभावित तेल संकट की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से हो रही है और अब तक किसी भी राज्य से तेल की कमी की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का वितरण दोबारा शुरू कर दिया गया है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को कमर्शियल एलपीजी उपलब्ध कराने का फैसला किया है, ताकि जरूरी सेवाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली में भी सुधार हुआ है। पहले जहां यह आंकड़ा करीब 53 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 72 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हुई है।
सरकार ने यह भी कहा है कि एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। कई राज्यों में छापेमारी अभियान चलाया गया है और अब तक 1100 से अधिक रिटेल आउटलेट्स पर अचानक निरीक्षण किए जा चुके हैं।
संयुक्त सचिव ने बताया कि जो उपभोक्ता एलपीजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट होना चाहते हैं, उनके लिए भी सुविधा उपलब्ध है। ग्राहक कस्टमर केयर या ऑनलाइन माध्यम से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। पीएनजी कंपनियों ने नए उपभोक्ताओं को जोड़ने के लिए विशेष ऑफर भी जारी किए हैं।
इस बीच सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग लाडकी’ संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है। यह जहाज जल्द ही गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने वाला है।
इसके अलावा ‘शिवालिक’ नामक एलपीजी जहाज भी फारस की खाड़ी से होकर भारत की ओर बढ़ रहा है और निर्धारित समय पर देश पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Correspondent – Shanwaz Khan


