झारखंड के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की मतगणना आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती प्रारंभ हुई और कुछ ही घंटों में शुरुआती रुझान सामने आने लगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर तक अधिकांश निकायों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाने की उम्मीद है। इन चुनावों के नतीजे यह तय करेंगे कि राज्य के शहरों में किस राजनीतिक खेमे का प्रभाव ज्यादा रहेगा और स्थानीय सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी।
इन चुनावों के लिए 23 फरवरी को मतदान कराया गया था, जिसमें मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राज्य के लगभग 43 लाख मतदाताओं में से 63 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शहरी क्षेत्रों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, विशेषकर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की प्रक्रिया जारी है।
राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में चुनाव आयोजित किए गए थे। हालांकि कुल 1,087 वार्डों में से 1,042 वार्डों पर ही मतदान हुआ। 41 वार्डों में पार्षद पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके थे, जबकि तीन वार्डों में किसी भी उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किए जाने के कारण सीटें रिक्त रह गईं। इसके अलावा मानगो नगर निगम के एक वार्ड में एक उम्मीदवार के निधन के चलते चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।
मतगणना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था की संभावना न रहे। निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद के अनुसार धनबाद को छोड़कर अधिकांश 47 शहरी निकायों में आज ही मतगणना पूरी होने की संभावना है। धनबाद नगर निगम में नौ चरणों में गिनती होनी है, जिसके कारण वहां अंतिम परिणाम शनिवार तक घोषित किए जा सकते हैं।
इस बार चुनाव मैदान काफी प्रतिस्पर्धी रहा। महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए कुल 562 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, जिनमें 235 महिला प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं वार्ड पार्षद पद के लिए 5,562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 2,727 महिलाएं हैं। महिला उम्मीदवारों की बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि स्थानीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
हालांकि यह चुनाव औपचारिक रूप से दलगत आधार पर नहीं लड़ा गया, फिर भी कई प्रत्याशियों को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। यही वजह है कि राजनीतिक दलों की नजर भी इन नतीजों पर टिकी हुई है, क्योंकि शहरी निकायों के परिणाम आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं। अब पूरे राज्य की नजर आज आने वाले नतीजों पर है, जो यह तय करेंगे कि झारखंड के शहरों की सरकार किसके हाथ में होगी और किस राजनीतिक धड़े का शहरी क्षेत्रों में दबदबा कायम रहेगा।
Ranchi – Piyush Dhar Diwedi


