केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘भारत टैक्सी’ सेवा से जुड़े ड्राइवरों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने उनकी समस्याओं, सुझावों और कार्य स्थितियों को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस संवाद का उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम कर रहे ड्राइवरों की चुनौतियों को समझना और उनके हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार करना बताया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने ड्राइवरों से सीधे बातचीत करते हुए उनके अनुभवों और रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में पूछा। ड्राइवरों ने सड़क सुरक्षा, आय, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी चुनौतियां, परमिट और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाया। गृह मंत्री ने उनकी बातों को ध्यान से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सरकार श्रमिकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों को प्राथमिकता देती है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि परिवहन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और टैक्सी चालक इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग शहरों में लाखों ड्राइवर दिन-रात मेहनत कर लोगों की आवाजाही को सुगम बनाते हैं और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार तकनीक और पारदर्शिता के जरिए परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
संवाद के दौरान ड्राइवरों ने बीमा, स्वास्थ्य सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। इस पर गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ ड्राइवर समुदाय को भी मिल सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में ‘भारत टैक्सी’ सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और ड्राइवरों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ड्राइवरों के प्रशिक्षण, सुरक्षा और आय के स्थिर स्रोत को लेकर कई पहलें की जा रही हैं।
इस संवाद को ड्राइवरों ने सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि सीधे केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत का मौका मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि ड्राइवरों से मिले सुझावों को संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाया जाएगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। यह संवाद कार्यक्रम सरकार और सेवा क्षेत्र के श्रमिकों के बीच बेहतर संवाद की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Delhi – Piyush Dhar Diwedi


