देश के कई हिस्सों में मौसम और पर्यावरण से जुड़ी अलग-अलग स्थितियां देखने को मिल रही हैं। राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे लोगों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में घने कोहरे की चादर छाई रहने से जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम के इन बदलते हालात ने प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। सुबह और शाम के समय हवा में धुंध की परत साफ दिखाई दे रही है, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की गति, तापमान में गिरावट और वाहनों के धुएं के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। AQI के ‘खराब’ श्रेणी में रहने का मतलब है कि संवेदनशील वर्गों, जैसे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह के समय खुले में व्यायाम करने से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें। साथ ही घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या प्राकृतिक वेंटिलेशन बनाए रखने की भी सलाह दी जा रही है। प्रशासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और धूल नियंत्रण तथा प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु के तिरुवल्लुर में मौसम का अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां सुबह के समय घना कोहरा छा गया, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। कई इलाकों में वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाना पड़ा। कोहरे के कारण कुछ स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी हो गई और दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार तटीय क्षेत्रों में नमी अधिक होने और तापमान में बदलाव के कारण कोहरे की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम और पर्यावरण की दो अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं—एक तरफ दिल्ली में प्रदूषण की समस्या लोगों के लिए चुनौती बनी हुई है, तो दूसरी ओर तिरुवल्लुर में कोहरे ने सामान्य जीवन की गति को धीमा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के साथ लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
Correspondent – Shanwaz Khan


