नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर के चैंबर में कथित हंगामे को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरे प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो सार्वजनिक करते हुए कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 20 से 25 सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और वहां अनुचित व्यवहार किया। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि स्पीकर के चैंबर में वीडियो बनाना नियमों के खिलाफ है। उनके मुताबिक, कुछ सांसदों ने अवैध रूप से वीडियो क्लिप रिकॉर्ड की और उसे बाहर प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सदन में बहस और संवाद में विश्वास करती है, न कि किसी को धमकाने या दबाव बनाने की राजनीति में।
इससे पहले भी रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि घटना के समय वे स्वयं वहां मौजूद थे। उनका कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संयम का परिचय दिया, अन्यथा कड़ी कार्रवाई संभव थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी वहां मौजूद थे और माहौल को शांत करने के बजाय स्थिति को और उग्र बना रहे थे।
वहीं, इस पूरे मामले ने संसदीय मर्यादा और नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। लोकसभा स्पीकर का चैंबर सदन का ही हिस्सा माना जाता है, जहां बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। बताया जा रहा है कि संबंधित वीडियो 4 फरवरी को रिकॉर्ड किया गया था, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया।
सूत्रों के अनुसार, वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संसद से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है।
यह प्रकरण ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के भीतर विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही तनातनी बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने हैं।
फिलहाल जांच जारी है और संसद की कार्यवाही पर भी इस घटनाक्रम का असर देखा जा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और संसदीय नियमों के तहत क्या कार्रवाई की जाती है।
Correspondent – Shanwaz Khan


