बिहार के नालंदा जिले स्थित अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी लोग करीब एक सप्ताह पहले बेंगलुरु से घूमने के उद्देश्य से राजगीर पहुंचे थे। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और टेक्निकल एक्सपर्ट मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी गई है।
धर्मशाला के कर्मचारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी थी। जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखी तो कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां चारों शव फंदे से लटके मिले। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
राजगीर थाना प्रभारी रमन कुमार ने बताया कि मृतक बेंगलुरु के निवासी बताए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी पूरी पहचान नहीं हो सकी है। धर्मशाला के रजिस्टर को जब्त कर लिया गया है और उसमें दर्ज जानकारी के आधार पर पुलिस मृतकों के परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही धर्मशाला के कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों की गतिविधियां कैसी थीं और क्या किसी तरह की संदिग्ध बात सामने आई थी।
धर्मशाला के प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि चारों लोग 31 जनवरी को यहां ठहरे थे। उन्होंने खुद को नेपाल से घूमते हुए आने वाला बताया था। पहचान के तौर पर केवल एक व्यक्ति ने आधार कार्ड दिखाया था, जिसमें नाम जीआर नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज था। बाकी तीन लोगों ने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए थे, जिससे पुलिस को जांच में कठिनाई हो रही है।
फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह सामूहिक आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और वजह है? पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इलाके में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और लोग सच जानने को बेचैन हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


