Wednesday, March 4, 2026
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार आमने-सामने आए भारत-पाक नेता, ढाका में एस जयशंकर और पाक स्पीकर की मुलाकात ने खींचा ध्यान

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं के बीच एक सार्वजनिक मुलाकात सामने आई है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और पाकिस्तान के एक शीर्ष राजनेता के बीच हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।

दरअसल, भारत के विदेश मंत्री ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। खालिदा जिया के निधन के बाद कई देशों के प्रतिनिधि और नेता बांग्लादेश पहुंचे, जिनमें भारत भी शामिल था। जयशंकर ने इस दौरान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और खालिदा जिया के बेटे Tarique Rahman से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से एक शोक पत्र भी उन्हें सौंपा।

इसी कार्यक्रम के दौरान जयशंकर की मुलाकात पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर Sardar Ayaz Sadiq से हुई। दोनों नेताओं ने औपचारिक रूप से एक-दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाया। यह मुलाकात पूरी तरह अनौपचारिक बताई जा रही है। न तो भारत और न ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत किसी द्विपक्षीय एजेंडे के तहत नहीं थी और न ही इसमें भारत-पाक संबंधों या किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों के इतने वरिष्ठ नेता एक ही मंच पर नजर आए, इसी वजह से इस मुलाकात को प्रतीकात्मक रूप से अहम माना जा रहा है।

सरदार अयाज सादिक को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी नेताओं में गिना जाता है। वे इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बयान पर तंज कसा था, जिसमें भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान की रिहाई को लेकर चेतावनी की बात कही गई थी।

खालिदा जिया को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू स्थित कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें उनके दिवंगत पति, पूर्व राष्ट्रपति और स्वतंत्रता सेनानी जियाउर रहमान की कब्र के बगल में दफनाया गया। लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ था। तीन बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक मानी जाती थीं।

इस अंतिम संस्कार ने एक बार फिर यह दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कभी-कभी अनौपचारिक मुलाकातें भी बड़ी कूटनीतिक चर्चाओं का कारण बन जाती हैं, भले ही उनके पीछे कोई औपचारिक एजेंडा न हो।

Corrosponsent – Shanwaz Khan

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