बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति, बिजनेसमैन राज कुंद्रा की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। 60 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 यानी धोखाधड़ी की धारा जोड़ दी है। इस नए घटनाक्रम के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और सबूतों के आधार पर की गई है। ईओडब्ल्यू फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह एफआईआर कारोबारी दीपक कोठारी की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा से जुड़ी कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच एजेंसी ने क्यों जोड़ी धारा 420
शिकायतकर्ता के वकीलों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो धोखाधड़ी की ओर इशारा करते हैं। इसी आधार पर ईओडब्ल्यू ने IPC की धारा 420 को केस में शामिल किया है और इस फैसले की जानकारी संबंधित मजिस्ट्रेट को भी दे दी गई है।
ईओडब्ल्यू ने अदालत को यह भी बताया कि जांच के दौरान विश्वसनीय गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जुटाए गए हैं। रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से संकेत मिलता है कि शिकायतकर्ता को इस मामले में कथित तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर धोखाधड़ी की धारा जोड़ने का फैसला लिया गया है।
ED तक पहुंच सकता है मामला
सूत्रों के अनुसार, इस केस में प्रमुख शिकायतकर्ता जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) से भी संपर्क कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो मामला मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच के दायरे में आ सकता है, जिससे शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
लंदन यात्रा की अनुमति नहीं मिली
गौरतलब है कि हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने कोर्ट से लंदन जाने की अनुमति मांगी थी। दलील दी गई थी कि राज कुंद्रा के पिता की तबीयत गंभीर है। हालांकि, कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ निर्देश दिया कि विदेश यात्रा की अनुमति तभी दी जाएगी, जब याचिकाकर्ता कोर्ट में पूरे 60 करोड़ रुपये जमा करेंगे।
आगे क्या?
धारा 420 जुड़ने के बाद केस का कानूनी स्वरूप और सख्त हो गया है। अब आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और अदालत का रुख इस हाई-प्रोफाइल मामले में अहम भूमिका निभाएगा।
Correspondent – Shanwaz khan


