मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई हैं। खजुराहो में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने उनके भाई की गांजा तस्करी में गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद मंत्री गुस्से में आ गईं और पत्रकारों को डांटते हुए वहां से आगे बढ़ गईं। मंत्री की इस प्रतिक्रिया ने न सिर्फ नए सियासी सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पहले से चल रहे विवादों को और भी भड़का दिया है।
46 किलो गांजा बरामद, मंत्री के भाई और जीजा गिरफ्तार
हाल ही में सतना पुलिस ने मंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी और उसके एक साथी को 46 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अनिल अपने जीजा शैलेन्द्र सिंह के साथ मिलकर नशे की तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इस कार्रवाई से पहले भी मंत्री के परिवार पर नशे के कारोबार से जुड़े मामले सुर्खियों में रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की नरैनी पुलिस ने 3 दिसंबर को एक अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। जिन पांच लोगों को पकड़ा गया, उनमें मंत्री की छोटी बहन के पति शैलेन्द्र सिंह भी शामिल थे। नाइट पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर यह बड़ी कार्रवाई की गई थी।
परिवार के सदस्यों की इन लगातार गिरफ्तारियों ने राजनीतिक माहौल को बेहद गर्म कर दिया है।
मीडिया के सवाल पर मंत्री भड़कीं
खजुराहो में महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर के बाहर जब पत्रकारों ने मंत्री से उनके भाई की गिरफ्तारी पर सवाल पूछा तो प्रतिमा बागरी स्पष्ट रूप से असहज दिखीं। रिपोर्टर्स के सवाल पर उन्होंने तेज लहजे में कहा—
“जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग?”
इस जवाब के बाद वह तुरंत आगे बढ़ गईं और मीडिया से किसी भी अन्य सवाल पर बात नहीं की।
इस घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और विपक्ष ने इसे तुरंत मुद्दा बनाना शुरू कर दिया।
विवाद बढ़ा, विपक्ष के निशाने पर आईं मंत्री
कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मंत्री अपने परिवार को “राजनीतिक संरक्षण” दे रही हैं। कांग्रेस ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बीजेपी सरकार में मंत्रियों के रिश्तेदार लगातार अवैध कारोबार में पकड़े जा रहे हैं और जब मीडिया सवाल करता है तो मंत्री जवाब देने की बजाय भड़क रही हैं।
कांग्रेस का दावा है कि यह पूरे सिस्टम में फैले उस “काले नेटवर्क” की झलक है जिसे सरकार संरक्षण दे रही है। विपक्ष का कहना है कि अगर मंत्री के अपने परिवार पर इस तरह के गंभीर आरोप हैं, तो उनसे जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मंत्री की राजनीतिक यात्रा पर भी उठे सवाल
प्रतिमा बागरी सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2023 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवार कल्पना वर्मा को 36,060 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।
भाजपा संगठन में वे पहले महिला मोर्चा की महामंत्री और सतना की जिला संगठन मंत्री भी रह चुकी हैं। युवा चेहरा होने के कारण उन्हें मोहन यादव कैबिनेट में जगह दी गई थी।
लेकिन अब परिवार के सदस्यों पर लगातार कार्रवाई होने के बाद उनकी राजनीतिक छवि पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का दावा है कि यह सिर्फ “संयोग” नहीं हो सकता कि परिवार के कई सदस्य नशे के मामलों में गिरफ्तार हो रहे हैं।
राजनीतिक माहौल और भी गर्म
मंत्री की रिएक्शन और परिवार के खिलाफ उठ रही कार्रवाई ने पूरे मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अंदर हाथ-पांव फुलने की चर्चाएं तेज हैं।
कांग्रेस इसे आगामी राजनीतिक लड़ाई का बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
मामला जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही यह प्रतिमा बागरी और सरकार दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है।
MP / Piyush Dhar Diwedi


