6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के संवेदनशील शहर—अयोध्या, मथुरा और वाराणसी—में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। राज्य पुलिस मुख्यालय से लेकर ज़ोन एवं जिले स्तर तक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। तीनों ही धार्मिक नगरी होने के कारण यहां हर वर्ष 6 दिसंबर को विशेष निगरानी की जाती है, और इस बार भी सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सक्रिय दिखाई दे रही हैं।
वाराणसी में सभी 84 घाटों पर तैनाती बढ़ी
वाराणसी में पुलिस और केंद्रीय बलों ने व्यापक चेकिंग अभियान शुरू किया है। डीसीपी क्राइम सरवनन ठगमणि के अनुसार, पूरे कमिश्नरेट में सुरक्षा अलर्ट जारी है और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार गश्त की जा रही है। वाराणसी सिटी, वाराणसी जंक्शन और बनारस रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की टीमें यात्रियों और वाहनों की गहन जांच कर रही हैं। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी तैनात किया गया है।
नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर शाम की आरती के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मथुरा में बिना पहचान पत्र वालों पर नजर
मथुरा में भी पुलिस ने सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा कर दिया है। एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि शहर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही है। बिना पहचान पत्र या बिना अनुमति के आने-जाने वालों पर विशेष नज़र रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस साल भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर पूरी तरह सामान्य है — ट्रैफिक चालू है और स्कूल सहित अन्य गतिविधियाँ सामान्य रूप से चल रही हैं। फिलहाल किसी प्रकार का ट्रैफिक डायवर्जन लागू नहीं किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में होटलों और धर्मशालाओं की भी जांच
अयोध्या में सुरक्षा तैयारियों को लेकर पुलिस और प्रशासन अत्यधिक सतर्क हैं। एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर चेकप्वाइंट बनाए गए हैं। शहर के सभी होटलों और धर्मशालाओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां ठहरने वाले हर अतिथि का पूरा रिकॉर्ड रखें। पुलिस द्वारा इन रिकॉर्ड्स का लगातार सत्यापन किया जा रहा है।
घाटों, मंदिरों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। वाहन चेकिंग भी नियमित रूप से की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोक लिया जाए।
Uttar Pradesh / Piyush Dhar Diwedi


